निर्मला सीतारमण| Nirmala Sitharaman in Hindi

निर्मला सीतारमण का जीवन

Nirmala Sitharaman Spokesperson 11, Ashoka Road, New Delhi – 110001.

जिस तरह एक पंछी एक पंख से उड़ान नहीं भर सकता, कोई व्यक्ति एक हाथ से ताली नहीं बजा सकता, इसी तरह इस दुनिया में महिलाओं की भागीदारी के बिना  इस संसार का निर्माण असंभव है. ऐसी ही एक सशक्त महिला श्रीमती निर्मला सीतारमण जो कि अब तक की सबसे सफल मंत्री मानी गई.

मोदी सरकार के पिछले कार्यकाल में रक्षा मंत्री रहीं, निर्मला सीतारमण अब देश  अगले कार्यकाल में वित्त मंत्री का कार्यभार संभाल रहीं हैं. रक्षा मंत्री बनने से पहले वाणिज्य उद्योग व कॉरपोरेट राज्य मंत्री रह चुकी हें निर्मला सीतारमण भारतीय राजनीति की एक परिचित नाम है,

दक्षिणपंथी विचारधारा की नेत्री हैं, और एक लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी के अंतर्गत   कार्य कर रही हैं 2014 के लोकसभा में जीतने के बाद इन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कैबिनेट में स्थान दिया. देश के कैबिनेट में शामिल होने के साथ ही ये भारतीय जनता पार्टी की प्रवक्ता पद पर भी शामिल हुईं.

जन्म और शिक्षा

निर्मला सीतारमण का जन्म 18 अगस्त 1959 मे तमिलनाडु के मदुरई में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था. इनके पिता का नाम श्री नारायण सीतारमण और माता का नाम सावित्री देवी है, इन्हें बचपन से ही देश की राजनीतिक व्यवस्था को समझने की ललक थी.इन्होंने तिरुचिरापल्ली के सीतालक्ष्मी कॉलेज से बी ए की डिग्री हासिल की.इसके बाद उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से वर्ष 1980 में इकोनॉमिक्स में m.a. किया.

कुछ ही समय बाद यहीं से एम फिल की डिग्री हासिल की.निर्मला सीतारमण ने अपने आरंभिक कैरियर में प्राइस वॉटरहाउस कूपर मैं सीनियर मैनेजर के पद पर कार्य किया. इसके उपरांत इन्हें बीबीसी वर्ल्ड सर्विस में भी कार्य करने का मौका प्राप्त हुआ. यह हैदराबाद के प्रणव स्कूल के संस्थापकों में से एक है नेशनल कमीशन ऑफ़ वीमेन की सदस्य भी रह चुकी हैं

व्यक्तिगत जीवन

 जहां एक तरफ निर्मला सीतारमण का झुकाव भारतीय जनता पार्टी की तरफ था दूसरी तरफ डॉक्टर परकाला  प्रभाकर एक कांग्रेसी परिवार से थे इनकी माता आंध्र प्रदेश में कांग्रेस की तरफ से विधायक थी और इनके पिता वर्ष 1970 के समय आंध्र प्रदेश की कांग्रेसी सरकार में मंत्री भी थे वर्ष 1991 में निर्मला और इनके प्रति लंदन से भारत लौटे और आंध्र प्रदेश के नर्सपुरम में रहने गए. इस समय निर्मला, जिन्हें बच्चों की आशा थी, वे अपनी मेडिकल के लिए मद्रास आ गई. इस वर्ष मई 1991 में राजीव गांधी की हत्या से इन्हें काफी गहरा सदमा लगा यह लगातार 1 सप्ताह तक हॉस्पिटल में ही रहे कालांतर में इन्हें एक बेटी हुई और यह परिवार हैदराबाद में रहने लगा .

राजनीतिक कैरियर

 निर्मला सीतारमण 2006 में भारतीय जनता पार्टी में  शामिल हुईं.इसके 1 वर्ष बाद उनके पति डॉ और परकाला प्रभाकर वर्ष 2007 में फिल्म स्टार चिरंजीवी की पार्टी में शामिल हुईं.  हालांकि वर्ष 2000 के आसपास डॉक्टर परकाला प्रभाकर भारतीय जनता पार्टी के आंध्र प्रदेश यूनिट के प्रवक्ता थे. रामायण भारतीय जनता पार्टी में शामिल होकर बहुत ही कम समय में बहुत ही चर्चित  चेहरा बन गई उस समय नितिन गडकरी भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष हुआ करते थे.

2007 के आसपास पार्टी ने उन्हें 6 प्रवक्ताओं के बीच स्थान दिया. उन्हें वर्ष 2010 में भारतीय जनता पार्टी ने अपना प्रवक्ता बनाया. इसके बाद से ही यह कई टीवी डिबेट में पार्टी की तरफ से भाग लेने लगीं और नियमित रूप से सुर्खियों में रहने लगी.एक समय ऐसा भी था जब भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता के रूप में नरेंद्र मोदी शासित राज्य गुजरात में काफी प्रसिद्धि प्राप्त हुई. इसके बाद उन्हें दिल्ली में पार्टी प्रवक्ता के रूप में खूब नाम  हासिल हुआ.गौरतलब है कि दिल्ली में ही भारतीय जनता पार्टी का हेड क्वार्टर में स्थापित है.

एक सक्षम प्रवक्ता के रूप में निर्मला सीतारमण वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी के लिए काफी बेहतर साबित हुई. इस समय इन्होंने नरेंद्र मोदी जी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए प्रचार प्रसार में अहम भूमिका निभाई .और प्रयासों से भारतीय जनता पार्टी ने विजय प्राप्त की

 26 मई 2016 में इन्हें स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री का पद दिया गया. जी के साथ कॉरपोरेट जगत की जिम्मेदारी भी दी गई इस जिम्मेदारी  को इन्होंने बढ़-चढ़कर निभाया आप सफलता प्राप्त की. 3 सितंबर 2017 को भारत सरकार में रक्षा मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद पर पदोन्नति कर दी रक्षा मंत्री के तौर पर उनका कार्यकाल एक महिला होने के नाते सबसे सफल कार्यकाल रहा .उन्होंने रक्षा मंत्रालय 2017 से 2019 तक संभाला

2019 में लोकसभा के चुनाव में और जनता पार्टी को  पहले से भी ज्यादा बढ़ चढ़कर सफलता प्राप्त हुई30 मई 2019 को उन्होंने वित्त मंत्री का पदभार संभाला और अभी उस पद पर कार्यरत है 

दक्षिण भारत से होने के कारण उनकी हिंदी कमजोर थी इस बात का उन्हें एहसास था राजनीति में लगातार मेहनत के साथ ही उन्होंने अपने हिंदी पर भी काम किया और भाषा पर पकड़ बना ली. निर्मला सीतारमण के बारे में कहा जाता है कि वे अपनी प्रेस रिलीज खुद लिखती हैं  मीडिया में कुछ भी जाने से पहले उसे एक बार अध्ययन जरूर करती हैं राजनीतिक जीवन के इधर वे संगीत की बेहद शौकीन है वह कृष्ण के भजन सुनना पसंद करती हैं राजनीतिक जीवन और पारिवारिक जीवन में समानता बनाना भी उन्हें बखूबी आता है

कुछ रोचक बातें 

सीतारमन का जन्म मंदिरों के शहर तमिल नाडु के मदुरई में हुआ था और अपनी  सफलता के साथ उन्होंने विश्व की तीसरी सबसे बड़ी रक्षा बल का नेतृत्व किया. भारतीय सशस्त्र बलों के विभिन्न पदों पर लगभग 1.4  मिलियन सैनिक काम करते हैं 

Rajesh Sharma

Blogger, Researcher, Author

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